जनसुरक्षा सर्वोपरि: निरीक्षण के साथ प्रशिक्षण भी —चमोली फायर सर्विस बना रही जनपद को ‘फायर सेफ’
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चमोली- जनसुरक्षा सर्वोपरि: निरीक्षण के साथ प्रशिक्षण भी —चमोली फायर सर्विस बना रही जनपद को ‘फायर सेफ’
हाल ही में दिल्ली के एक होटल में घटित हुई भीषण अग्नि दुर्घटना के दृष्टिगत पुलिस अधीक्षक चमोली सुरजीत सिंह पँवार के निर्देशों पर जनपदभर में अग्नि सुरक्षा व्यवस्थाओं को परखने एवं सुदृढ़ करने के लिए पुलिस एवं फायर सर्विस द्वारा विशेष फायर सेफ्टी ऑडिट अभियान चलाया जा रहा है। अभियान के तहत होटल, रेस्टोरेंट, होमस्टे, अस्पताल, विद्यालयों, कॉलेजों एवं अन्य व्यावसायिक प्रतिष्ठानों का औचक निरीक्षण कर अग्नि सुरक्षा मानकों की गहन जांच की जा रही है।
निरीक्षण के दौरान पुलिस एवं फायर सर्विस की टीमों द्वारा प्राथमिक अग्निशमन यंत्रों की कार्यशीलता एवं वैधता, आपातकालीन निकास मार्गों की उपलब्धता, अग्निशमन अनापत्ति प्रमाण पत्र (NOC) तथा अन्य सुरक्षा प्रबंधों का बारीकी से परीक्षण किया जा रहा है। जहां कहीं भी अग्नि सुरक्षा मानकों में कमी पाई जा रही है, वहां संबंधित संस्थानों को नोटिस जारी कर तत्काल सुधारात्मक कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए जा रहे हैं।
 इसी क्रम में आज थाना पोखरी पुलिस द्वारा पोखरी बाजार एवं कनकचौरी स्थित होटलों एवं ढाबों का निरीक्षण कर अग्निशमन उपकरणों की जांच की गई तथा संचालकों को अग्नि सुरक्षा के प्रति जागरूक करते हुए आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए।
 प्रभारी अग्निशमन अधिकारी गोपेश्वर सुशील कुमार के नेतृत्व में फायर स्टेशन गोपेश्वर की टीम द्वारा नंदानगर, नंदप्रयाग एवं चमोली क्षेत्र के विभिन्न अस्पतालों, होटलों एवं रेस्टोरेंटों तथा प्राथमिक चिकित्सा केन्द्र चमोली, क्षेत्रपाल, मायापुर पीपलकोटी स्थित होटलों एवं रेस्टोरेंटों होमस्टे का औचक निरीक्षण एवं फायर ऑडिट किया गया। संस्थान प्रबंधन को नियमित अंतराल पर कर्मचारियों के साथ मॉक ड्रिल आयोजित करने तथा आपदा की स्थिति में त्वरित प्रतिक्रिया सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए।
 प्रभारी अग्निशमन अधिकारी ज्योतिर्मठ हरी सिंह गुसाईं के नेतृत्व में गोविंदघाट एवं पांडुकेश्वर क्षेत्र के होटलों एवं अन्य व्यावसायिक प्रतिष्ठानों का गहन निरीक्षण किया गया। निरीक्षण के दौरान आपातकालीन निकास व्यवस्था, अग्निशमन सुरक्षा प्रबंध, प्राथमिक अग्निशमन यंत्रों की कार्यक्षमता एवं अग्निशमन अनापत्ति प्रमाण पत्र की जांच की गई।
फायर सर्विस चमोली द्वारा केवल निरीक्षण तक ही अभियान सीमित नहीं रखा गया है, बल्कि जनजागरूकता को भी प्राथमिकता दी जा रही है। फायर कर्मियों द्वारा जनपद के कॉलेजों, सरकारी एवं निजी संस्थानों अग्नि सुरक्षा मॉक ड्रिल आयोजित कर छात्रों, कर्मचारियों एवं आमजन को आग लगने की स्थिति में सुरक्षित निकासी, प्राथमिक प्रतिक्रिया, आपदा प्रबंधन तथा अग्निशमन उपकरणों के प्रभावी उपयोग का व्यावहारिक प्रशिक्षण दिया जा रहा है।
इस दौरान प्रतिभागियों को आग लगने की स्थिति में घबराने के बजाय सूझबूझ से कार्य करने, समय रहते सूचना देने तथा उपलब्ध अग्निशमन संसाधनों का सुरक्षित उपयोग करने के बारे में विस्तार से जानकारी दी जा रही है, जिससे किसी भी आपातकालीन परिस्थिति में जनहानि एवं संपत्ति के नुकसान को न्यूनतम किया जा सके।
चमोली पुलिस एवं फायर सर्विस ने स्पष्ट किया है कि जनपद में अग्नि सुरक्षा मानकों की अनदेखी किसी भी स्तर पर बर्दाश्त नहीं की जाएगी। जनहित एवं जनसुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए यह विशेष अभियान आगामी दिनों में भी निरंतर जारी रहेगा।

By admin