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खटीमा। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने शनिवार को खटीमा में आयोजित थारू जनजाति संवाद कार्यक्रम में कहा कि उत्तराखंड सरकार जनजातीय समाज के समग्र विकास के लिए योजनाबद्ध तरीके से कार्य कर रही है। उन्होंने कहा कि शिक्षा, स्वास्थ्य, रोजगार, आवास, महिला सशक्तीकरण तथा आधारभूत सुविधाओं के माध्यम से थारू समाज को आत्मनिर्भर और सशक्त बनाया जा रहा है। मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार और थारू समाज के बीच संवाद केवल एक औपचारिक कार्यक्रम नहीं है, बल्कि विश्वास, सहभागिता और विकास की साझी यात्रा का मजबूत माध्यम है।

कार्यक्रम की शुरुआत मुख्यमंत्री ने भारत-नेपाल सीमा की सुरक्षा में अहम भूमिका निभाने वाले दो वीर पर्वतारोहियों को सम्मानित कर की। उन्होंने सीमा सुरक्षा बल (बीएसएफ) के एवरेस्ट विजेता मोहन सिंह राणा तथा भारत-तिब्बत सीमा पुलिस (आईटीबीपी) के एवरेस्ट विजेता टीला सेन को सम्मानित करते हुए कहा कि इन दोनों वीरों ने हिमालय की सबसे ऊंची चोटी पर तिरंगा फहराकर पूरे उत्तराखंड और देश का गौरव बढ़ाया है। मुख्यमंत्री ने कहा कि ऐसे युवा समाज के लिए प्रेरणा हैं और नई पीढ़ी को राष्ट्र सेवा के लिए उत्साहित करते हैं।

धर्मांतरण और नशे के खिलाफ सख्त रुख

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि राज्य सरकार सामाजिक समरसता और सांस्कृतिक मूल्यों की रक्षा के लिए पूरी गंभीरता से कार्य कर रही है। उन्होंने कहा कि प्रदेश में अवैध धर्मांतरण पर रोक लगाने के लिए देश के सबसे कठोर धर्मांतरण विरोधी कानूनों में से एक लागू किया गया है। सरकार धर्मांतरण कराने वाले तत्वों के खिलाफ बिना किसी भेदभाव के कड़ी कार्रवाई कर रही है।

उन्होंने कहा कि उत्तराखंड की पहचान देवभूमि के रूप में है और इसकी सांस्कृतिक विरासत की रक्षा करना सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है। इसी प्रकार राज्य सरकार केंद्र सरकार के साथ मिलकर नशे के खिलाफ व्यापक अभियान चला रही है। युवाओं को नशे की गिरफ्त से बचाने के लिए जागरूकता कार्यक्रम, कानूनी कार्रवाई और पुनर्वास जैसी अनेक योजनाओं पर प्रभावी ढंग से काम किया जा रहा है।

थारू समाज से वर्षों पुराना आत्मीय संबंध

मुख्यमंत्री ने अपने संबोधन में कहा कि खटीमा से उनका रिश्ता केवल राजनीतिक नहीं बल्कि भावनात्मक है। उन्होंने कहा कि उनका थारू समाज से जुड़ाव आज का नहीं बल्कि वर्षों पुराना है। उन्होंने थारू समाज की संस्कृति, परंपराओं, लोक जीवन और सामाजिक योगदान की सराहना करते हुए कहा कि यह समाज उत्तराखंड की सांस्कृतिक विरासत का महत्वपूर्ण हिस्सा है।

उन्होंने कहा कि थारू समाज के लोगों ने सदैव सामाजिक सद्भाव, मेहनत और राष्ट्र निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। सरकार इस समाज के हितों की रक्षा और विकास के लिए पूरी संवेदनशीलता के साथ कार्य कर रही है।

प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में जनजातीय समाज को मिला नया सम्मान

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में पहली बार जनजातीय समाज को राष्ट्रीय स्तर पर वह सम्मान और पहचान मिली है, जिसका वह लंबे समय से हकदार था। उन्होंने कहा कि देश की राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु का जनजातीय समाज से होना केवल एक संवैधानिक उपलब्धि नहीं, बल्कि देश की लोकतांत्रिक और समावेशी सोच का सशक्त प्रतीक है।

उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार की अनेक योजनाओं के माध्यम से जनजातीय समाज के लोगों को शिक्षा, स्वास्थ्य, सड़क, आवास, पेयजल और रोजगार जैसी मूलभूत सुविधाओं से जोड़ा जा रहा है। इसका लाभ उत्तराखंड के जनजातीय क्षेत्रों को भी व्यापक रूप से मिल रहा है।

आवास योजनाओं में बड़ा लाभ

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार ने अटल आवास योजना को अधिक प्रभावी और जनहितकारी बनाया है। इस योजना में आय सीमा को व्यावहारिक बनाया गया है तथा मकान निर्माण की लागत में भी वृद्धि की गई है, जिससे अधिक से अधिक जरूरतमंद परिवारों को इसका लाभ मिल सके।

उन्होंने बताया कि केवल ऊधम सिंह नगर जनपद में ही इस योजना के अंतर्गत लगभग तीन करोड़ रुपये से अधिक की आर्थिक सहायता प्रदान की जा चुकी है। इसके साथ ही प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) के तहत भी बड़ी संख्या में जनजातीय परिवारों को पक्के मकानों का लाभ मिला है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री जनमन आवास योजना के अंतर्गत ऊधम सिंह नगर में पहले चरण में 824 तथा दूसरे चरण में 101 आवासों का निर्माण कराया गया है। इससे अनेक जनजातीय परिवारों के अपने घर का सपना साकार हुआ है।

शिक्षा के क्षेत्र में तेजी से हो रहा विकास

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार जनजातीय बच्चों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा उपलब्ध कराने के लिए निरंतर प्रयास कर रही है। जनजाति कल्याण विभाग के माध्यम से आश्रम पद्धति विद्यालयों, छात्रावासों तथा औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थानों (आईटीआई) के विकास पर करोड़ों रुपये खर्च किए जा रहे हैं।

उन्होंने बताया कि प्रदेश के आश्रम पद्धति विद्यालयों को कक्षा 12 तक अपग्रेड करने की प्रक्रिया तेजी से चल रही है। इससे जनजातीय क्षेत्रों के विद्यार्थियों को उच्च शिक्षा के लिए दूर नहीं जाना पड़ेगा।

मुख्यमंत्री ने कहा कि एकलव्य मॉडल आवासीय विद्यालयों के माध्यम से भी जनजातीय बच्चों को आधुनिक शिक्षा, खेल, विज्ञान और तकनीकी शिक्षा की बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं।

उन्होंने बताया कि खटीमा में बालिका छात्रावास निर्माण के लिए चार करोड़ रुपये स्वीकृत किए गए हैं। वहीं बाजपुर में 16 करोड़ रुपये से अधिक की लागत से विद्यालय एवं छात्रावास का निर्माण किया जा रहा है। गदरपुर में 100 बेड का आधुनिक बालक छात्रावास तैयार किया जा रहा है।

थारू राजकीय इंटर कॉलेज का होगा कायाकल्प

मुख्यमंत्री ने कहा कि थारू राजकीय इंटर कॉलेज के विकास के लिए भी सरकार विशेष प्रयास कर रही है। यहां दो करोड़ रुपये से अधिक की लागत से खेल मैदान का सौंदर्यीकरण, ऑडिटोरियम का आधुनिकीकरण तथा विद्यालय भवन की मरम्मत का कार्य किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि बेहतर शिक्षा के साथ-साथ खेल और सांस्कृतिक गतिविधियों को भी समान महत्व दिया जा रहा है।

महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने पर विशेष जोर

मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार जनजातीय समाज की माताओं और बहनों को आर्थिक रूप से सशक्त बनाने के लिए अनेक योजनाएं संचालित कर रही है। स्वयं सहायता समूहों और महिला उद्यमियों को प्रोत्साहित करने के उद्देश्य से एक करोड़ रुपये से अधिक की चक्रीय निधि तथा आठ करोड़ रुपये से अधिक की निवेश सहायता उपलब्ध कराई गई है।

उन्होंने कहा कि महिलाओं को स्वरोजगार से जोड़कर उन्हें आर्थिक रूप से मजबूत बनाया जा रहा है, जिससे परिवारों की आय में वृद्धि हो रही है और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को भी मजबूती मिल रही है।

सीमांत क्षेत्रों के विकास को मिली नई गति

मुख्यमंत्री ने कहा कि मुख्यमंत्री सीमांत क्षेत्र विकास कार्यक्रम के तहत वर्ष 2020 से 2025 के बीच 10 करोड़ रुपये से अधिक की विभिन्न विकास योजनाएं सफलतापूर्वक पूरी की गई हैं। इन योजनाओं से सीमांत क्षेत्रों में सड़क, पेयजल, सामुदायिक भवन, शिक्षा और अन्य बुनियादी सुविधाओं का विस्तार हुआ है।

उन्होंने बताया कि सितारगंज विधानसभा क्षेत्र में थारू विकास भवन का निर्माण कराया जा रहा है, जिससे समाज की सांस्कृतिक गतिविधियों और सामुदायिक कार्यक्रमों को नया मंच मिलेगा।

जनजातीय क्षेत्रों में बढ़ाई जा रही सुविधाएं

मुख्यमंत्री ने कहा कि समाज कल्याण विभाग के माध्यम से जनजातीय क्षेत्रों में आधारभूत सुविधाओं के विकास के लिए दो करोड़ रुपये से अधिक की धनराशि स्वीकृत की गई है। सरकार का प्रयास है कि प्रत्येक जनजातीय गांव तक सड़क, बिजली, पानी, शिक्षा और स्वास्थ्य जैसी सुविधाएं पहुंचाई जाएं।

उन्होंने बताया कि जनजातीय परिवारों की बेटियों के विवाह के लिए सरकार द्वारा 50 हजार रुपये तक की आर्थिक सहायता प्रदान की जा रही है। इससे आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों को बड़ी राहत मिल रही है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि जनजातीय विकास योजनाओं की बेहतर निगरानी और प्रभावी क्रियान्वयन के लिए ऊधम सिंह नगर, देहरादून, पिथौरागढ़ और चमोली में अलग-अलग जनजाति कल्याण अधिकारियों की नियुक्ति की गई है।

प्रतिनिधियों ने जताया मुख्यमंत्री का आभार

संवाद कार्यक्रम के दौरान थारू समाज के प्रतिनिधियों ने मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी का स्वागत करते हुए उनके प्रति आभार व्यक्त किया। समाज के प्रतिनिधियों ने कहा कि मुख्यमंत्री हमेशा थारू समाज के सुख-दुख में सहभागी रहे हैं और उन्होंने समाज की संस्कृति, परंपराओं तथा पहचान को संरक्षित करने के लिए ऐतिहासिक कार्य किए हैं।

प्रतिनिधियों ने कहा कि वर्तमान सरकार की योजनाओं से जनजातीय समाज के जीवन स्तर में उल्लेखनीय सुधार हुआ है तथा युवाओं और महिलाओं को नए अवसर प्राप्त हुए हैं।

कई जनप्रतिनिधि और अधिकारी रहे मौजूद

कार्यक्रम में ब्लॉक प्रमुख सरिता राणा, थारू राणा परिषद के अध्यक्ष दान सिंह राणा, सांसद प्रतिनिधि रविंद्र राणा, वरिष्ठ समाजसेवी रमेश राणा, ग्राम प्रधान संघ अध्यक्ष मंजीत सिंह राणा, सभासद दौलत राणा, ग्राम प्रधान शोभा देवी, जिलाधिकारी नितिन सिंह भदौरिया, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक अजय गणपति सहित बड़ी संख्या में जनप्रतिनिधि, अधिकारी, सामाजिक कार्यकर्ता और थारू समाज के लोग उपस्थित रहे।

सरकार का लक्ष्य—समावेशी विकास और जनजातीय सशक्तीकरण

अपने संबोधन के अंत में मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार का उद्देश्य केवल योजनाएं बनाना नहीं, बल्कि उनका लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाना है। उन्होंने कहा कि थारू समाज सहित प्रदेश के सभी जनजातीय समुदायों के विकास के लिए सरकार पूरी प्रतिबद्धता के साथ कार्य करती रहेगी। शिक्षा, स्वास्थ्य, रोजगार, आवास, महिला सशक्तीकरण और सांस्कृतिक संरक्षण के माध्यम से जनजातीय समाज को आत्मनिर्भर बनाना सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में शामिल है।

मुख्यमंत्री ने विश्वास व्यक्त किया कि सरकार और समाज के सामूहिक प्रयासों से उत्तराखंड का जनजातीय समुदाय विकास की नई ऊंचाइयों को प्राप्त करेगा तथा विकसित उत्तराखंड और विकसित भारत के निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।

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