देहरादून । विश्व पर्यावरण दिवस के अवसर पर डीएवी इंटर कॉलेज में राष्ट्रीय सेवा योजना (एनएसएस) इकाई द्वारा व्यापक वृक्षारोपण अभियान चलाया गया। कार्यक्रम के तहत छात्र-छात्राओं ने विद्यालय परिसर में विभिन्न प्रजातियों के 50 पौधे रोपित कर पर्यावरण संरक्षण का संदेश दिया। इस दौरान विद्यार्थियों ने न केवल पौधे लगाए, बल्कि उनके संरक्षण और नियमित देखभाल का भी संकल्प लिया।
कार्यक्रम की शुरुआत विद्यालय परिसर में पौधारोपण से हुई। एनएसएस स्वयंसेवकों ने आंवला, नीम, मुरिंगा, अनार, नींबू, अमरूद और बेल जैसे औषधीय एवं फलदार पौधों का रोपण किया। विद्यालय परिसर हरियाली से आच्छादित दिखाई दिया और विद्यार्थियों में पर्यावरण संरक्षण के प्रति विशेष उत्साह देखने को मिला।
इस अवसर पर आयोजित गोष्ठी को संबोधित करते हुए एनएसएस कार्यक्रम अधिकारी डॉ. बबीता सहोत्रा ने कहा कि वर्तमान समय में बढ़ती जनसंख्या और विकास की अंधी दौड़ के कारण पेड़ों और जंगलों की लगातार कटाई हो रही है। इसका प्रतिकूल प्रभाव पर्यावरण पर पड़ रहा है और प्राकृतिक संतुलन बिगड़ता जा रहा है। उन्होंने कहा कि जलवायु परिवर्तन के दुष्प्रभाव आज पूरी दुनिया महसूस कर रही है। मौसम के बदलते स्वरूप, बढ़ता तापमान और अनियमित मानसून इसके स्पष्ट संकेत हैं।

डॉ. सहोत्रा ने कहा कि वृक्ष मानव जीवन के लिए अत्यंत आवश्यक हैं। वृक्ष न केवल हमें ऑक्सीजन प्रदान करते हैं, बल्कि पर्यावरण को स्वच्छ और संतुलित बनाए रखने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। उन्होंने विद्यार्थियों से अपील की कि वे अपने जन्मदिन, पारिवारिक आयोजनों, विवाह वर्षगांठ या किसी अन्य शुभ अवसर पर कम से कम एक पौधा अवश्य लगाएं और उसकी देखभाल भी करें।
उन्होंने कहा कि केवल पौधे लगाना ही पर्याप्त नहीं है, बल्कि उन्हें वृक्ष बनने तक सुरक्षित रखना भी उतना ही आवश्यक है। उन्होंने विद्यार्थियों को प्रेरित करते हुए कहा, “वृक्ष रहेंगे तो हम रहेंगे, वृक्ष नहीं रहेंगे तो मानव जीवन भी संकट में पड़ जाएगा।” उन्होंने पौधों की नियमित सिंचाई, सुरक्षा और संरक्षण पर विशेष बल दिया।
विद्यालय के प्रधानाचार्य डॉ. एस.के. श्रीवास्तव ने विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए कहा कि पर्यावरण संरक्षण आज समय की सबसे बड़ी आवश्यकता बन गया है। स्वच्छ और स्वस्थ वातावरण प्रत्येक नागरिक का अधिकार है, लेकिन इसके संरक्षण की जिम्मेदारी भी हम सभी की है। उन्होंने विद्यार्थियों से अपने घर, विद्यालय और आसपास के क्षेत्रों में स्वच्छता बनाए रखने तथा अधिक से अधिक वृक्ष लगाने का आह्वान किया।
प्रधानाचार्य ने कहा कि यदि प्रत्येक व्यक्ति वर्ष में एक पौधा लगाकर उसकी देखभाल करे तो पर्यावरण संरक्षण की दिशा में बड़ा परिवर्तन लाया जा सकता है। उन्होंने विद्यार्थियों को पर्यावरण के प्रति जागरूक रहने और समाज में भी इस संदेश को पहुंचाने के लिए प्रेरित किया।
कार्यक्रम के दौरान विद्यालय की अध्यापिका तृप्ति कुमार सहित अनेक छात्र-छात्राएं उपस्थित रहे। वृक्षारोपण अभियान में अभिजीत, अंश कुमार, कार्तिक बिष्ट, राधिका, चांदनी, अंशिका, अंजलि, सिद्धार्थ आर्य, प्रियंका पाल, रामकुमार, निरंजन और मनोज सहित बड़ी संख्या में एनएसएस स्वयंसेवकों ने सक्रिय सहभागिता निभाई।
कार्यक्रम के अंत में सभी विद्यार्थियों एवं शिक्षकों ने पर्यावरण संरक्षण की शपथ ली। उन्होंने संकल्प लिया कि वे अधिक से अधिक पौधे लगाएंगे, उनकी देखभाल करेंगे तथा पर्यावरण संरक्षण के प्रति समाज को जागरूक बनाने में अपनी सक्रिय भूमिका निभाएंगे।
विश्व पर्यावरण दिवस पर आयोजित यह वृक्षारोपण अभियान विद्यार्थियों में पर्यावरण के प्रति जिम्मेदारी और जागरूकता विकसित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल साबित हुआ। विद्यालय प्रशासन ने भविष्य में भी ऐसे कार्यक्रम नियमित रूप से आयोजित करने की बात कही, ताकि युवा पीढ़ी प्रकृति के संरक्षण के प्रति संवेदनशील बन सके।
