हरिद्वार में आयुष औषधि निर्माताओं को मिला ई-औषधि पोर्टल का प्रशिक्षण, सितंबर 2026 तक डेटा अपडेट करना होगा अनिवार्य
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हरिद्वार, 21 जुलाई। डायरेक्टरेट ऑफ़ आयुर्वैदिक एवं यूनानी सर्विसेज, उत्तराखंड की ओर से आयुष औषधि निर्माताओं के लिए ई-औषधि (EAushdhi) पोर्टल के प्रभावी संचालन एवं उपयोग संबंधी विशेष प्रशिक्षण कार्यक्रम का आयोजन हरिद्वार में किया गया। यह कार्यक्रम आयुष निर्माता एसोसिएशन (UDAAN), SMAU एवं Akums के सहयोग से आयोजित हुआ, जिसमें 120 से अधिक आयुष औषधि निर्माता और विभिन्न परीक्षण प्रयोगशालाओं के तकनीकी विशेषज्ञों ने भाग लिया।

कार्यक्रम का शुभारंभ UDAAN के अध्यक्ष डॉ. मोहिंदर आहूजा तथा SMAU के अध्यक्ष श्री हरिंदर गर्ग ने किया। इस अवसर पर मुख्य अतिथि के रूप में डॉ. मिथिलेश कुमार (स्टेट ड्रग लाइसेंसिंग अथॉरिटी), डॉ. आलोक शुक्ला (एडिशनल ड्रग कंट्रोलर), डॉ. स्वास्तिक सुरेश (जिला आयुर्वेद अधिकारी, हरिद्वार) तथा डॉ. राजीव कुरेले (एडवाइजर, ड्रग लाइसेंसिंग पैनल, आयुष विभाग) उपस्थित रहे।

अपने संबोधन में डॉ. मिथिलेश कुमार ने ई-औषधि पोर्टल की आवश्यकता, उद्देश्य और इसकी उपयोगिता पर विस्तार से प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि डिजिटल व्यवस्था से आयुष औषधियों के लाइसेंसिंग एवं नियामकीय कार्यों में पारदर्शिता, दक्षता और जवाबदेही सुनिश्चित होगी।

इसके बाद डॉ. आलोक शुक्ला ने ई-औषधि पोर्टल का लाइव ऑनलाइन डेमो प्रस्तुत करते हुए प्रतिभागियों को विभिन्न मॉड्यूल्स की कार्यप्रणाली का व्यावहारिक प्रशिक्षण दिया। उन्होंने पोर्टल के उपयोग, डेटा प्रविष्टि, तकनीकी प्रक्रियाओं तथा अन्य आवश्यक सुविधाओं को सरल भाषा में समझाया।

प्रशिक्षण सत्र के दौरान प्रतिभागियों ने पोर्टल से संबंधित अपनी विभिन्न जिज्ञासाएं और तकनीकी समस्याएं साझा कीं, जिनका समाधान विशेषज्ञों ने विस्तारपूर्वक किया। अधिकारियों ने सभी आयुष निर्माताओं को भरोसा दिलाया कि पोर्टल के सुचारु संचालन के लिए विभाग की ओर से हर संभव तकनीकी एवं प्रशासनिक सहयोग उपलब्ध कराया जाएगा।

कार्यक्रम में यह भी जानकारी दी गई कि सभी आयुष औषधि निर्माताओं के लिए सितंबर 2026 तक ई-औषधि (EAushdhi) पोर्टल पर अपना आवश्यक डेटा अपडेट करना अनिवार्य होगा। समय पर डेटा अपडेट नहीं करने पर भविष्य में नियामकीय प्रक्रियाओं में कठिनाइयां आ सकती हैं।

प्रशिक्षण कार्यक्रम में शामिल प्रतिभागियों ने इसे अत्यंत उपयोगी एवं ज्ञानवर्धक बताते हुए भविष्य में भी इस प्रकार के तकनीकी प्रशिक्षण नियमित रूप से आयोजित किए जाने की अपेक्षा व्यक्त की।

कार्यक्रम के अंत में सभी प्रतिभागियों ने डायरेक्टरेट ऑफ़ आयुर्वैदिक एवं यूनानी सर्विसेज, उत्तराखंड, UDAAN, SMAU एवं Akums का सफल और प्रभावी प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित करने के लिए आभार व्यक्त किया।

By admin

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