देहरादून, डीएवी इंटर कॉलेज देहरादून में शनिवार, 2 मई 2026 को राष्ट्रीय सेवा योजना (एनएसएस) इकाई एवं डीडब्ल्यूडी कॉलेज के संयुक्त तत्वावधान में नशा मुक्ति विषय पर एक जागरूकता कार्यशाला का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य विद्यार्थियों को नशे के दुष्प्रभावों से अवगत कराना और उन्हें स्वस्थ एवं सकारात्मक जीवनशैली अपनाने के लिए प्रेरित करना रहा।
कार्यक्रम की शुरुआत में एनएसएस की कार्यक्रम अधिकारी डॉ. बबीता सहोत्रा ने छात्रों को संबोधित करते हुए कहा कि युवा पीढ़ी देश का भविष्य है और नशा उनके उज्ज्वल जीवन के लिए सबसे बड़ा खतरा है। उन्होंने विद्यार्थियों से आह्वान किया कि वे न केवल स्वयं नशे से दूर रहें, बल्कि समाज में भी इसके प्रति जागरूकता फैलाएं।
कार्यशाला में मुख्य वक्ता के रूप में जिला न्यायालय प्राधिकरण की परामर्शदाता श्रीमती मीना सिंह ने विस्तारपूर्वक नशा मुक्ति अभियान पर प्रकाश डाला। उन्होंने बताया कि नशे की लत व्यक्ति के शारीरिक, मानसिक और आर्थिक जीवन को बर्बाद कर देती है। नशे के कारण परिवार टूट जाते हैं और समाज में असंतुलन की स्थिति पैदा होती है। उन्होंने उदाहरणों के माध्यम से समझाया कि कैसे एक व्यक्ति की गलत आदत पूरे परिवार को संकट में डाल सकती है।
इस अवसर पर डीडब्ल्यूडी कॉलेज की नोडल एंटी ड्रग सेल की प्रोफेसर डॉ. विनीत चौधरी एवं डॉ. रितु डंगवाल ने भी विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए कहा कि शिक्षा के साथ-साथ नैतिक मूल्यों को अपनाना बेहद जरूरी है। उन्होंने छात्रों को आत्मसंयम और सकारात्मक सोच विकसित करने की सलाह दी।
कार्यक्रम में बी.एड प्रशिक्षण की छात्राएं रंजन, एकता, राशि, आराधना, आरव, सिद्धार्थ, आर्य, प्रियंका पाल, राधिका, परवीन, सुहाना, कार्तिक और नीलम सहित कई विद्यार्थियों ने सक्रिय भागीदारी की। विद्यालय के प्राचार्य सचिन श्रीवास्तव, अनिल थापा, योगेश श्रीवास्तव, शकुंतला सिंह एवं मनोरमा नेगी भी कार्यक्रम में उपस्थित रहे।
अंत में आयोजकों ने सभी प्रतिभागियों का आभार व्यक्त किया और संकल्प लिया कि भविष्य में भी इस प्रकार के जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए जाते रहेंगे, ताकि समाज को नशामुक्त बनाने की दिशा में ठोस कदम उठाए जा सकें।
