हल की पूजा से संगठन की हुंकार, दिल्ली महिला सम्मेलन के लिए गांव-गांव पहुंचा किसान संघ
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रायघटी से अकोढ़ा खुर्द तक चला जनसंपर्क अभियान, महिला शक्ति को संगठित करने पर जोर

लक्सर। खेत में अन्न उगाने वाले हल की पूजा और किसानों को संगठित करने की हुंकार—लक्सर तहसील के गांवों में भारतीय किसान संघ का जनसंपर्क अभियान इसी संदेश के साथ आगे बढ़ा। 30 सितंबर को नई दिल्ली के इंदिरा गांधी इंडोर स्टेडियम में होने वाले अखिल भारतीय महिला किसान सम्मेलन को सफल बनाने के लिए संघ कार्यकर्ताओं ने रायघटी, कबूलपुरी, भीकमपुर सहित कई गांवों में पहुंचकर किसानों और महिलाओं से संवाद किया।

विकासखंड उपाध्यक्ष खिलाराम आर्य के नेतृत्व में किसान दिवस एवं भगवान बलराम जयंती पखवाड़े के तहत पारंपरिक विधि-विधान से हल का पूजन किया गया। हल पर हल्दी, चावल और रोली का तिलक लगाकर पुष्प एवं जल अर्पित किया गया। भगवान बलराम से किसान परिवारों की खुशहाली, समृद्धि और अच्छी फसल की कामना की गई। इसके साथ ही ग्रामीणों ने दिल्ली में होने वाले महिला सम्मेलन में भागीदारी का संकल्प लिया।

किसान संघ के संगठन मंत्री उत्तराखंड सुकर्म पाल राणा ने कहा कि किसान की आवाज उसकी एकजुटता से मजबूत होती है। जिस अनुपात में किसान संगठित होगा, उसी अनुपात में शासन और प्रशासन तक उसकी समस्याओं की प्रभावी पहुंच बनेगी। उन्होंने कहा कि महिलाओं, नवयुवकों और किसानों को संगठन की शक्ति से जोड़कर ही गांवों की समस्याओं के समाधान के लिए मजबूत सामाजिक दबाव तैयार किया जा सकता है।

जनसंपर्क के दौरान संगठन ने नए ग्रामीण संपर्क भी बनाए और किसान संघ के विस्तार पर जोर दिया। अकोढ़ा खुर्द से भी कई महिलाओं ने दिल्ली सम्मेलन में भाग लेने का निर्णय लिया। इनमें श्रीमती गुड्डी देवी पत्नी गोरख सिंह, श्रीमती सुदेश देवी पत्नी डा. आजाद सिंह, श्रीमती मिथलेश देवी पत्नी रामसेवक, श्रीमती मीनाक्षी देवी पत्नी ललित कुमार और श्रीमती सुदेश देवी पत्नी राजकुमार लंबरदार शामिल हैं।

इस दौरान तारा देवी, विरोधी देवी, समझो देवी, रचना देवी, संध्या देवी, सुधा देवी, डा. पवन चौहान, हरदीप कुमार, कालूराम, सोमपाल सिंह चौहान, कल्लू सिंह, बनारसी दास, शिवराम, लखीराम, सुधीर कुमार, जाहिद हुसैन, अमरदीप, नेत्रपाल, प्रदीप चौहान, वेदपाल सिंह, हरिद्वारी सहित बड़ी संख्या में किसान एवं कार्यकर्ता उपस्थित रहे।

आठ दिन पहले से गांवों में दस्तक: सम्मेलन से पहले किसान संघ ने क्षेत्र में संपर्क अभियान को गति दी है। संगठन का जोर केवल दिल्ली सम्मेलन में महिलाओं की भागीदारी बढ़ाने पर नहीं, बल्कि गांव-गांव नए कार्यकर्ताओं और महिला शक्ति को संगठन से जोड़ने पर भी है।

By admin